कभी घर में बैठकर बनाया करता था समोसा, अब IIT-JEE में मिली 64वीं रैंक

कुछ दिनों पहले हैदराबाद से एक अच्छी खबर आई थी कि एक समोसा बेचने वाले के बेटे मोहन ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर IIT-JEE (Mains) के Exam में छठी Rank हासिल की. मोहन ने अपने जोश और जुनून से और कड़ी मेहनत कर के IIT-JEE (Advanced) का Exam भी क्लियर कर लिया है और उसमें उसकी 64th रैंक आई है.

ये परीक्षा पास करने से पहले मोहन पढ़ाई के साथ साथ अपने पिता के साथ समोसे बेचने में मदद करता था. अपनी इस जीत का श्रेय वो अपने माता-पिता और टीचरों को देता है. मोहन के पिता एक छोटी सी दुकान में समोसा बेचते हैं लेकिन मोहन को अपने सपने सच करने में उन्होंने पूरी मदद की। उनकी कमाई 500 रुपये प्रतिदिन है और वो उसी में पूरे परिवार की ज़रूरतें पूरी करते हैं, लेकिन उन्होंने अपने बेटे को सपने देखने और आगे बढ़ने से नहीं रोका.

मोहन के पिता को  अपने बेटे की इस सफलता पर गर्व है। उन्होंने बताया कि मोहन ने इस सफलता को पाने के लिए दिन में 10 से 12 घंटे तक पढ़ाई की है। मोहन अपना रोल मॉडल अब्दुल कलाम को मानता है और उन्हीं की तरह साइंटिस्ट बनना चाहता है. उसने Andhra Pradesh Engineering Agricultural and Medical Common Entrance Test (EAMCET) भी टॉप किया. उसकी फैमिली अपने छोटे से गांव से हैदराबाद सिर्फ़ इसीलिए आई थी, ताकि परिवार और बच्चों, दोनों का Future बेहतर हो सके.

इस बच्चे की ये उपलब्धि सिर्फ़ इसकी नहीं, बल्की पूरे परिवार की है. 

मोहन की इस कड़ी मेहनत और लगन को हमारा सलाम.

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